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गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

किसानों की भूख हड़ताल पर बैठने के बाद हरकत में आया प्रशासन।


 रूपेश जैन बकस्वाहा(छतरपुर)| सरकार द्वारा किसान हित में भावांतर योजना चलाई गई,जिसमें जिले की बक्सवाहा कृषि मंडी में किसानों द्वारा कृषि मंडी पर मनमाने ढंग से उगाही के आरोप लगाए गए एवं इसके बावजूद गढ़ीसेमरा में कृषकों की ई-उपार्जन पंजीयन को लेकर सत्यापन रिपोर्ट गलत ढंग से भेजी गई थी तथा ई-उपार्जन केंद्र बकस्वाहा में फसल वार मानिक स्तर की जाली के ग्रेडर से उत्पादित फसल की ग्रेडिंग कर तुलाई की जाने व लोकल जाली छन्ना हटाये जाने को लेकर किसानो द्वारा 13 तारीख को करें तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया था जिसमे सात दिन के अंदर मांगे पूरी न होने पर भूख हड़ताल एवं आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। लेकिन मांगे पूर्ण ना होने पर बड़ी संख्या में किसानों द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान तवके के नेता मनीष जैन के नेतृत्व में बुधवार के दिन तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन व भूख हड़ताल एवं विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसके बाद प्रशासन ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए एसडीएम मनोज मालवीय एवं तहसीलदार झाम सिंह के द्वारा मांगों को पूर्ण करने के संबंध में लिखित तौर पर आश्वासन दिया गया।

 इनका कहना है कि...

 गढ़ीसेमरा के किसानों द्वारा जो फसल सत्यापन के लिए ज्ञापन दिया गया था और उसी के तहत वह आंदोलन पर बैठे थे इसको लेकर हमने उनकी मांगों को पूर्ण कर दिया है और उन्होंने अपना आन्दोलन समाप्त कर दिया है।

झाम सिंह(तहसीलदार बकस्वाहा)














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