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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

औरो को खुश देखकर ज्यादा दुखी है इंसान:मुनिश्री।

औरो को खुश देखकर ज्यादा दुखी है इंसान:मुनिश्री।


//रूपेश जैन//

बकस्वाहा(छतरपुर)।  नगर मे गीष्म कालीन की मंगलमया बेला मे मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महराज एंव छुल्लक 105 श्री सुभर्द सागर जी महराज के सानिध्य मे सात दिवसीये श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन हुआ।
 कार्यक्रम का शुभारंभ कुन्डलपुर के बडे बाबा अादिनाथ भगवान के चित्र के अनावरण और दीप प्रवजलन के साथ हुआ उसके बाद कु़.आक्रति जैन ने मगलाचरण प्रस्तुत किया  पश्चयात मुनि श्री के पाद पछालन और मुनि श्री की पूजन और मुनि श्री के मंगल प्रवचन किये मुनि श्री ने कहॉ की मनुष्य गति और नेक कुल मिलना बडे ही सौभाग्य की बात है और मनुष्य गति और जैन कुल प्राप्त होने के बाद भी हम अपने इस भब मे पुन्य और धर्म नही कर सके तो हमारा जीवन व्यर्थ है आज कल का इंसान अपने खुशी मे खुश ना हो कर दूसरे की खुशी को देखकर दुखी है यह अगर इंसान जितना समय  दूसरो को तबाह करने मे व्यर्थ करता है उतना समय अपने जीवन को सबारने मे लगा दे तो वह इंसान अपने जीवन को स्वर्ग बना सकता है।