जिले में बढ़ रहे मलेरिया के मरीज, विभाग द्वारा नहीं है खास इन्तजाम।
ब्यूरो छतरपुर। मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति स्वास्थ्य महकमा बेपरवाह है। जिला मुख्यालय में भी नगर पालिका प्रशासन सफाई के प्रति गंभीर नहीं है। शहरीकरण के दौर में शहर सहित जिले की आबादी तो बढ़ रही है लेकिन साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
शहर छतरपुर में विभिन्न स्थानों में कचरे का ढेर हैं और नालियां भी जाम है। गंदगी के कारण मच्छरों को पनपने का मौका मिल रहा है, जिससे मलेरिया का खतरा बना रहता है। गांवों में भी मलेरिया का कहर कम नहीं है। लोगों में भी इस बीमारी के प्रति जागरूकता अभाव दिखता है।
बुखार होने पर सामान्यतया मलेरिया टेस्ट कराने की बजाए लोग एंटीबायटिक लेकर काम चला लेते हैं। बीमारी बढऩे पर वह अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है। विभाग की टीम जब मलेरिया कहर बरपाना शुरू करता है तो वहां जाकर दवाई का छिड़काव करता है। इसके पहले विभाग सो रहा होता है। लगातार इस संबंध में दवा का छिड़काव सहित अन्य उपाय नहीं करते है। पिछले साल जिले में मलेरिया ने कहर बरपाया था, जिसमें १०५ लोग चपेट में आए थे।
वहीं निजी लैबों में जांच कराने वाले की संख्या एक हजार से अधिक पार कर गई थी। लेकिन इसके बाद भी विभाग द्वारा कोई प्रयास नहीं किए गए
। वहीं इस वर्ष जनवरी से अभी तक स्वास्थ्य विभाग के पास ११ मरीज मलेरिया के पहुचे लेकिन निजी अस्पतालों में अभी तक बडी संख्या में मलेरिया के पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं।