जमानत पर चल रहे कत्ल के आरोपियों ने फिर किया जानलेवा हमला।
चुनावी रंजिश के चलते चार लोगों के हाथ-पैर तोड़े, ईशानगर के दिदौल की घटना।
ईशानगर(छतरपुर)। हत्या के मामले में जमानत पर चल रहे आरोपी और उसके साथियों ने उसी परिवार के अन्य लोगों पर जानलेवा हमला कियाा है जिस परिवार के एक व्यक्ति की हत्या के 21 साल पहले कर चुके हैं।
घटना ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम दिदौल की है। पीडि़तों का कहना है कि ईशानगर थाना प्रभारी मनीष मिश्रा और यहां पदस्थ आरक्षक गौरव तिवारी के द्वारा आरोपियों को खुला संरक्षण दिया गया है जिसके चलते उन्होंने बेखौफ होकर बीते रोज गांव में ही लाठी-डण्डों से चार लोगों के हाथ-पैर तोड़ दिए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है मामला पूरा मामला।
जानकारी के मुताबिक ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम दिदौल में दो परिवारों का परंपरागत झगड़ा पिछले 21 वर्षों से चल रहा है। 1998 में गांव के लल्लू दुबे परिवार ने ललिता प्रसाद अवस्थी के भाई की हत्या कर दी थी। इस मामले में वे जमानत पर थे। एक वर्ष पूर्व लल्लू दुबे परिवार रामा पाल को सरपंच बनाए था। वहीं दूसरी ओर अवस्थी परिवार ने रामा पाल के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे अपदस्थ कर दिया था। लगभग 15 दिन पहले यह अविश्वास मंजूर हुआ था जिसके चलते छन्नूलाल कुशवाहा को सरपंच के अधिकार दे दिए गए थे। इसी बात से नाराज लल्लू दुबे परिवार ने अवस्थी परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दी थी। ललिता प्रसाद अवस्थी के पुत्र महेश अवस्थी ने बताया कि हमने पहले ही थाना पुलिस को अंदेशा जताया था कि हमारे परिवार के ऊपर हमला हो सकता है फिर भी थाने में पदस्थ आरक्षक गौरव तिवारी की दुबे परिवार से सगी रिश्तेदारी होने के कारण थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने इस पर गौर नहीं किया। बीते रोज जब हमारे परिवार के ललिता प्रसाद अवस्थी, हल्के दुबे, छन्नू कुशवाहा और सुरेन्द्र दुबे छतरपुर से गांव पहुंचे थे तभी लल्लू दुबे, मझले दुबे, सुरेन्द्र दुबे, लखन दुबे, लक्ष्मन सिंह ठाकुर सहित कुछ अन्य लोगों ने चारों लोगों को घेर लिया और लौहे की रॉड, लाठी डण्डे व कुल्हाड़ी से इन लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुछ लोगों के सिर में गंभीर चोट आईह है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महेश अवस्थी ने थाना पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं।
इनका कहना है कि...
आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने पर मारपीट की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पीडि़त परिवार जो आरोप लगा रहा है वे गलत हैं। उनके साथ कानूनन न्याय किया जाएगा।
मनीष मिश्रा(थाना प्रभारी ईशानगर)