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गुरुवार, 9 मई 2019

गांव में घुसा तेंदुआ,दहशत का बना माहौल।

गांव में घुसा तेंदुआ,दहशत का बना माहौल।


//अक्षय जैन जादू//

रामटोरिया(छतरपुर)। वन परिक्षेत्र बड़ामलहरा के अंतर्गत आने बाले ग्राम रामटोरिया के पास के गुंजोरा नामक गाँव में उस वक़्त अफरातफरी का माहौल बन गया।
 जब लोगों ने अचानक तेंदुए को आते देखा पानी की तलाश में तेंदुआ गांव में घुस आया, ग्रामीणों ने कुत्तो की मदद से तेंदुए को गांव के बाहर खदेडने की कोशिश की तो वह 30 फिट उचे पेड़ पर बैठ गया ग्रामीणों ने 100 डायल को सूचना दी पुलिस और वन अमले की तरफ से पकड़ने की कोशिश भी की गई लेकिन समाचार लिखे जाने तक तेंदुआ पेड़ पर ही था और वन विभाग की रेस्क्यू टीम उसके पेड़ से उतर जाने का इंतजार कर रही थी।

उक्त स्थल पर बक्सवाहा एस.डी.ओ. डिप्टी रेंजर 1 घंटे बाद पहुचे और बड़ामलहरा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों को ढाई बजे पहुचने का मौका मिला।
 लेकिन वह अपनी एसी गाड़ी से नीचे भी नही उतरे तथा उनके द्वारा रेस्क्यू टीम को भी नही बुलाया गया। एस.डी.ओ व्ही  के गुप्ता के निर्देश पर पानी से भरा घड़ा और एक कुत्ता  बांध दिया गया तथा ग्रामीण दूर से ही तेंदुए पर नज़र लगाए हुए थे।
 वन अमले ने तेंदुए को बिना किसी नुकसान पहुचाये उसे बापिस जंगल में ले जाने के लिए लगे हुए है।
हर वर्ष जंगली जीवो को गर्मियो में पानी उपलब्ध कराने के लिए खासी रकम आती है लेकिन उस रकम से वन विभाग अपनी प्यास बुझा लेता है जंगली जानवर अक्सर पानी की तलाश में गांव की ओर आ जाते है और हादसों को अंजाम देते है चिन्हित स्थानों पर गद्दों में पानी भरा जाता है लेकिन यह सिर्फ कागजो पर सीमित है देखने बाली बात तो यह है कि पिछले कुछ दिनों पहले छतरपुर के कस्थगरो में वन्य जीवो के लिए पीने के पानी के लिए समजसेविओ द्वारा टेंकर रखवाए गए थे।
लेकिन वह बेहतर कार्य वहां काम करने बाले कर्मचारियों को नोटिस देने के काम आ गया था वन बिभाग एक ओर तो अपनी जिम्मेदारी नही निभाता है पर दूसरी ओर कोई सहयोग करे तो उसे भी रोका जाता है।