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सोमवार, 1 जुलाई 2019

अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर,दुकानदारो ने रोते हुये उठाया सामान।

अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर,दुकानदारो ने रोते हुये उठाया सामान।


गरीब दुकानदारो के परिवार रोते हुये आए नजर।



  //अरवाज खान//

राजनगर(छतरपुर)।  राजनगर में रामबाग से होते हुए बस स्टैंड समेत स्टेट बैंक स्थान पर कब्जा हटाया गया।
राजनगर एसडीएम के निर्देशन में नगर परिषद सीएमओ श्री बघेल,सब इंजीनियर,तहसीलदार थाना प्रभारी अपने पुलिस बल के साथ नगरपरिषद के कर्मचारियों द्वारा अवैध अतिक्रमण धारियों का सड़क किनारे अपने जीविकोपार्जन के लिए रखे हुए विशेष बर्ग मुस्लिम समुदाय  डिब्बे सहित अन्य दुकानों के अतिक्रमण को सख्ती के साथ जेसीबी से हटाया गया । अतिक्रमण हटाने से आम लोग प्रसन्न नजर आए परंतु जिन लोगों की दुकाने हटा दीं गई उन्हें अपने जीविकोपार्जन के बारे में फिक्र होने लगी है वे अत्यंत परेशान नजर आ रहे थे औए रोते बिलखते उनकी पत्नी बच्चे नजर आए।
ज्ञातव्य है कि अवैध अतिक्रमण होंने से सड़कों की चौड़ाई कम हो गई थी,वहीं बस स्टैंड पर हटाये गए दुकानदारों ने बताया कि हमारी शिकायत बस स्टैंड पर बनी जनपद की दुकानों के दुकानदारों ने की है जिसके बाद हम गरीब लोगों की दुकाने हटा दीं गई हैं जबकि बस स्टैंड स्थित जनपद की दुकानों के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे,आम लोगों के लिए बनी गैलरी को भी कब्जा कर अपनी दुकान बना लिया है अतः जो गैलरी आम लोगों के लिए थीं तो फिर ऐसे में हम आम गरीब लोगों के ही साथ अन्याय क्यों ??? 
इन दुकानदारों द्वारा किये गए अवैध कब्जा को क्यों नहीं हटाया जा रहा है???
 सिर्फ हम गरीब दुकानदारों पर ही सारे नियम लागू होते है क्या बड़े दुकानदारों पर कोई और नियम लागू होते हैं आगे इन पर भी कार्यवाही नियम मुताबिक होगी।
 प्रशासन के इस कृत्य से राजनगर में कोई भी बड़ा विवाद हो सकता है कुछ दुकानदारों द्वारा अपने हटा कर बड़े तालाब के सामने रख दिये गए है।
अतिक्रमण हमेशा से होता रहा है परंतु शासन अतिक्रमणकारियों पर तुरन्त कार्यवाही करे तो आम लोगों को कोई दिक्कत न हो परन्तु होता यह है कि आम दुकानदार अपने जीविकोपार्जन के लिए छोटे-छोटे अवैध कब्जे करना शुरू कर देते हैं जिन पर वर्षों ध्यान नहीं दिया जाता जिससे वे लगातार अन्य लोग भी कब्जा करना शुरू कर देते हैं।
 इस समस्या का सही उपाय यही है कि छोटे दुकानदारों को कही खाली पड़ी हुई जमीनों पर दुकानी रखने की जगह दे दी जाए, ताकि छोटे दुकानदार अपना व्यवसाय कर सकें।