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शुक्रवार, 8 नवंबर 2019

धारा 144 का उल्लंघन करने पर होगी IPC की धारा 188 के तहत कार्यवाही: कलेक्टर

धारा 144 का उल्लंघन करने पर होगी IPC की धारा 188 के तहत कार्यवाही: कलेक्टर


//नरेंद्र अहिरवार//

ब्यूरो दमोह। अयोध्या प्रकरण में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ का प्रस्ताविक निर्णय के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट तरूण राठी ने पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के प्रतिवेदन पर साम्प्रदायिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुये जिला दमोह की राजस्व सीमा में धारा 144 सीआरपीसी के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किया है।
उन्होंने कहा है यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत अभियोजन किया जावेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आज 07 नवम्बर से आगामी 02 माह तक लागू रहेगा। अत्यंत विशेष परिस्थिति में संतुष्ट होने पर संबंधित अनुविभाग के एस.डी.एम. किसी भी लागू शर्त से छूट दे सकने में सक्षम होंगे।
      जारी निषेधाज्ञा आदेश में कहा गया है कि म.प्र.“ दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत जन सामान्य के हित/जान माल की रक्षा एवं लोक शांति को बनाये रखने हेतु राजस्व जिले दमोह की राजस्व सीमा में किसी भी व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक नारे लगाना एवं धारदार अस्त्र-शस्त्र, गोला बारूद को लेकर चलने पर पूर्णरूप से पांबदी रहेगी, बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र (डी.जे.) के उपयोग पर पूर्ण रूप से पावंदी रहेगी। जिले की सीमा में किसी भी संगठन द्वारा कोई धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली का आयोजन बगैर अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। जिले की सीमा में किसी भी स्थान पर अवैध जमाव/भीड़ एकत्रित करने पर पांबदी रहेगी। यह आदेश पारिवारिक कार्यक्रमों पर लागू नहीं होगा। किरायेदारों की सूचना संबंधित मकान/दुकान मालिक द्वारा संबंधित थाने पर दी जाये, इसके पूर्व मकान/दुकान किराये से न दी जाये साथ ही आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये।
      घरेलू नौकरों एवं व्यवसायिक नौकरों की सूचना संबंधित मालिक द्वारा थाने पर देने के उपरांत ही उन्हें रखा जाये। उनके आई.डी. प्रूफ भी लिये जायें। छात्रावास में रह रहे छात्र/छात्राओं की सूचना संबंधित थानों को दी जाये तथा उनके आई.डी. प्रूफ लिये जायें। होटल, लॉज, धर्मशालाओं में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लिया जावे एवं ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची विहित प्रारूप में प्रतिदिन संबंधित थानें पर दी जाये।  पेइंगेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा थाने पर दी जावे, इसके उपरांत ही पेइंगेस्ट को रखा जाये। उनका आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों/कारीगरों की सूचना ठेकेदारों द्वारा संबंधित थाने पर देने के उपरांत ही उन्हे काम पर रखा जाये साथ ही आई.डी. पू्रफ आवश्यक रूप से लिया जाये। ऐसे व्यक्ति की सूचना जो 15 दिवस से अधिक समय से निवास कर रहे हों, तत्काल संबंधित थाने पर सूचना दी जाये। साथ ही आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये।
      चूँकि यह आदेश जन सामान्य की जान-माल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोक शांति भंग होने की आशंका को ध्यान में रखते हुये जारी किया गया है तथा आदेश जिला दमोह के सर्व साधारणजनों से संबोधित है और वर्तमान में इतना समय या माध्यम उपलब्ध नहीं कि जन सामान्य व इससे संबंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया गया है।