प्रदेश सरकार के विरोध में फिर व्यापक आंदोलन का गुंजा स्वर।
पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के नेतृत्व में भाजपा ने किया किसान आक्रोश रैली का आयोजन ।
//नरेंद्र अहिरवार//
ब्यूरो दमोह। किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए भाजपा के जिला अध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को कोसते हुए कहा कि हर मोर्चे पर विफल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के द्वारा आज कलेक्टर कार्यालय पर विशाल किसान आक्रोश आंदोलन कर बिजली के बिलों की होली जलाकर प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जब से प्रदेश में आई है, जनता बेहाल है। झूठ व धोखे के साथ बनाई गई इस सरकार ने जनता से किये गये किसी भी वादे को अभी तक पूरा नहीं किया है। जब कांग्रेस के पास कोई योजना नहीं थी तो फिर किसानों का दो लाख तक का कर्ज, बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा कैसे कर दी।जिस तरह सरकार बनाने के लिये कांग्रेस के नेताओं ने किसानों, बेरोजगारों और प्रदेश की आम जनता को गुमराह और भ्रम फैलाकर भ्रमित किया, लेकिन आज इस छोटे से कार्यकाल मेंं ही जनता परेशान हो चुकी है। हर क्षेत्र में इस सरकार के द्वारा वोट प्राप्त करने के बाद किसी भी वादे को पूरा नहीं किया गया। जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से हम प्रदेश सरकार को बाध्य करेंगे कि उसने जनता से जो वादे किये है, उन्हें हर हाल में पूरा करें।
आपने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के पास चुनाव के समय सौगात लेने के लिये नहीं गई थी। हटा विधायक पी एल तंतुवाय ने कहा जो आपने लोक लुभावन वादे किये थे और अब पूरा करने समय आया है तो कांग्रेस के नेता आनाकानी कर रहे है। जनता अब इनके झूठ और फरेब को अच्छी तरह से समझ गई है और आने वाले दिनों में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ किसानों का ही आंदोलन नहीं है, यह आंदोलन प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन है। भाजपा जिला महामंत्री रमन खत्री ने कहाँ कि किसानों के साथ आम जनता व बस्तियों में निवासरत गरीब लोगों को जिस तरह बिजली के बड़े-बडे बिल थमाये जा रहे है। जो कि अनुचित है और इसीलिये जनता आक्रोशित है।सांसद प्रतिनिधि डाक्टर आलोक गोस्वामी ने कहाँ कि पिछले दिनों प्रदेश के किसानों पर भारी वर्षा के कारण भीषण बाढ़ का कहर टूटा इस बाढ़ ने मध्यप्रदेश के 32 जिलों के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। किसानों की सोयाबिन, मूंग, उड़द, कपास और मक्का जैसी खरीब की फसल जो खेतों में खड़ी थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई और घर में रखा गेहूं सरसो, चना भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बाढ़ का कहर ऐसा था कि इन 32 जिलों के किसानों के मकान ढह गये और हजारों मवेशी भी बह गये। दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को तो छोड़िए, किसी मंत्री ने भी बाढ़ पीड़ितों के बीच जाने की संवेदनशीलता नहीं दिखाई। पथरिया के पूर्व विधायक लखन पटेल ने कहा कि इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी की बार-बार मांग के बावजूद बाढ़ पीड़ितों का सर्वे भी ठीक-ठाक नहीं किया गया। सर्वे में इतनी देर कर दी गई की किसान मजबूरन रबी फसल की जुताई करने लगा। परिणामतः अब उसकी नष्ट इुई खरीफ फसलों का सर्वे भी नहीं हो सकेगा।
आज प्रदेश मेंं किसानों को कृषि कार्य करना दुभर हो गया वर्तमान सरकार ने अपने देश में युरिया का भरपूर उत्पादन होने के पश्चात भी अपनी अकमर्ण्यता के कारण युरिया की कमी बताते हुए युरिया खाद की कमी बता दी है। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सतीश तिवारी ने कहा कि किसानों को रबी की फसल बोने में भी समस्यां खड़ी हो गई है और किसानों पर प्रकृति के साथ-साथ वर्तमान निक्कमी सरकार की किसान विरोधी नीतियों की मार पड़ रही है तथा वह अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पं.बिहारी लाल गौतम ने कहाँ कि जब से मध्यप्रदेश मे कांग्रेस की सरकार आई है तभी से प्रदेश के किसानों पर उपेक्षा के बादल मंडराने लगे थे। कांग्रेस ने चुनाव से पहले जो वादे किये थे वह सभी वादांं से मुकर गई है। इतना ही नहीं बाढ़ की चपेट में आकर अपनी फसलों को पूरी तरह बर्बात होते देखने के बाद किसान असहाय और ठागा सा महसूस कर रहा है। पूरे 32 जिलों में बाढ़ की विभीषिका ने फसलों को चौपट कर दिया, लेकिन सरकार ने मुआवजा देने को छोडिए ठीक से सर्वे कराना भी आवश्यक नहीं समझा।
पथरिया की पूर्व विधायक सोनाबाई अहिरवाल ने कहा कि कर्जमाफी से धोके से जुझ रहे किसानों के लिये बाढ़ का कहर दुखों के पहाड़ जैसा साबित हुआ, लेकिन अंसवेदनशील सरकार के कानों पर जू तक नहीं रेंगी। उल्टे किसानों को अनाप शनाफ बिजली के बिल थमा दिये गये है। ये बिल उसी कांग्रेस की सरकार ने थमाये है जिसने चुनाव के पहले बिजली के बिल हाफ करने का वादा किया था। पूरा मध्यप्रदेश जानता है कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में किसानों का कल्याण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता था। आज भी केन्द्र की सरकार किसानों के कल्याण के लिये अनेक योजनाएं लेकर आई है, जिनका क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में राजनैतिक विद्वेष के के कारण नहीं हो पा रहा है। इसलिये भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि हम किसानों की समस्यांओं को लेकर इस सरकार को चेन से नहीं बैठने देंगे। किसान आक्रोश आंदोलन के दौरान बिजली के बिलों की होली भी जलाई गई। इसी के साथ किसान अपने साथ खराब सोयाबिन लेकर आये थे वो भी जलाई गई। कार्यक्रम गरीब बस्तियों की महिलाएं हजारों और लाखों रूपये के आये हुए बिजली बिल लेकर आई थी।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष हेमंत छाबड़ा ने कहा कि किसान आक्रोश आंदोलन किसानां की 2 लाख तक की ऋण माफी, किसानों की नष्ट हुई फसलों का मुआवजा और बड़े हुए बिजली के बिलों को लेकर किया गया है। प्रदेश सरकार के द्वारा संबल योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को बंदकर गरीबों व आमजन को किसी भी तरह की राहत नहीं देना, यह सरकार का कैसा कदम है। आपने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सोई हुई पार्टी नहीं है, हमारी पार्टी जनता के हर दुख दर्द में साथ खड़ी है। हमने हमेशा जनता के हित में संघर्ष किया हैं, सतत लड़ना, संघर्ष करना और सरकार की विफलता पर उसे कटघरे में खड़ा करना हमारा काम है। यह जनता का आक्रोश है यदि प्रदेश सरकार जनता के हित में कार्य नहीं करेगी, तो हम ऐसे ही आंदोलन जनता के हित में करते रहेंगे।
किसान आक्रोश आंदोलन को वरिष्ठ नेता भाजपा के पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष नरेन्द्र ब्यास,विजय सिंह राजपूत,राजेन्द्र सिंघई,कपिल सोनी,अनिल मिश्रा,प्रीतम सिंह लोधी,मनीष सोनी, प्रमोद विश्वकर्मा,प्रतिभा तिवारी,कविता राय,नर्मदा सिंह एकता सहित वरिष्ठ नेतागणों ने भी संबोधित किया।
किसान आक्रोश अांदोलन का संचालन मनीष तिवारी,मोन्टी रैकवार,भरत यादव,आलोक मुखरैया विशाल शिबहरे ने किया एवं आभार भाजपा जिला महामंत्री रमन खत्री ने माना।
इस दौरान प्रमुख रूप पूर्व मंत्री जयंत मलैया,दशरथ सिंह लोधी,भाजपा जिला अध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव,जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी,हटा विधायक पी एल तंतुवाय,सांसद प्रतिनिधि डाक्टर आलोक गोस्वामी,पूर्व विधायक लखन पटेल,सोनाबाई अहिरवाल पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष पं.बिहारी लाल गौतम,हेमंत छाबड़ा,राजेन्द्र सिंघई,डाॅ.विजय सिंह राजपूत,नरेन्द्र ब्यास,भाजपा जिला महामंत्री रमन खत्री,रूपेश सेन,बहादुर पटेल,अखलेश हजारी,अनिल मिश्रा,भाजयुमो प्रदेश मंत्री प्रीतम सिंह लोधी,भाजयुमो आयाम प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष सोनी,पूर्व प्रदेश संयोजक संजय सेन,सिद्धार्थ मलैया,पूर्व महामंत्री सतीश तिवारी,मनीष तिवारी,मोन्टी रैकवार,भरत यादव,पवन तिवारी,भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष गोपाल पटेल,कपिल सोनी,प्रमोद विश्वकर्मा,अनुपम सोनी,इंतखाब बेग,दमोह नपा अध्यक्ष मालती असाटी,पुष्पा चिले,कविता राय बबली विश्वकर्मा,प्रतिभा तिवारी,नर्मदा सिंह एकता,सुधा झारिया,वर्षा रैकवार,कृष्णा सेंगर, श्यामा उरेती,कुसम खरे,विनीता जड़िया,छाया साहू,लता केशरवानी,रितू पांडे,पूजा राज,नुशरत खान,पार्षद नंदू ठाकुर,पप्पू मलाई,रूपेश रजक,विजय जैन,विवेक अग्रवाल,प्रशांत तिवारी,कृष्णा राज,राजाराम सोनी,नीलेश सिंघई,संजय गौतम,संतोष रोहित, रीतेश सोनी,विशाल शिबहरे,मोनू चौरसिया,हरिशचंद्र पटेल,चटन पटेल,द्वारका पटेल,नरेश पटेल,मोहन पटेल,मंडल अध्यक्ष कपिल शुक्ला,राजा भैया,नरोत्तम पटेल,दीपक जैन,राजकुमार जैन,इन्द्रकुमार चौराहा,जयपाल यादव, राजेश यादव दीपक सोनी सतीश बोहरे,कोमल यादव सुनील यादव आलोक मुखरैया,हरि रजक,रिंकू गोस्वामी,सौरभ विश्वकर्मा,अरविंद रजक,मनीष असाटी,महेन्द्र राठौर,देवेन्द्र ठाकुर,श्याम दुबे,सहित दमोह जिले मे निवासरत सभी प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पूर्व विधायक,जिला पदाधिकारि, नगर पालिका/परिषद के अध्यक्ष, सभी पार्षद, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,एवं सदस्य, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, एवं सदस्य, सभी मंडलो के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, सभी मोर्चो के जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारी, सभी मोर्चों के मंडल अध्यक्ष, एवं पदाधिकारी,सभी प्रकोष्ठों के संयोजको ने किसान आक्रोश रैली मे शामिल होकर कमलनाथ सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।
