बाल-अधिकारों पर हुई विस्तार पूर्वक चर्चा साथ दिये गये अहम निर्देश।
● बाल अधिकार मंच दिसम्बर में भिक्षावृत्ति और बालश्रम पर फोकस करेगा, (क्लस्टर बैठक में हुआ निर्णय)
//नरेंद्र अहिरवार//
नेटवर्क दमोह। जिला बाल अधिकार मंच की कलस्टर बैठक आज किसान भवन में आयोजित हुई जिसमें जबलपुर को छोड़कर कटनी,सागर, दमोह के सदस्यों की उपस्थिति रही।जिसमें कटनी,सागर और दमोह के सदस्यों ने भिक्षा वृत्ति और बाल श्रम पर इस माह कार्य करने का सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित किया।
नटों के एक गांव का उल्लेख करते हुए डॉ अनिल जैन ने बताया कि इनके परिवारों की हालत मज़बूत है पर परम्परागत भिक्षार्जन का काम आज भी उनके बच्चे करते हैं। यह चिंताजनक है, इसे रोकना चाहिए ।
इसी तरह पन्नी बीनने वाले बच्चे मां बाप से प्रेरित हो यह काम करते हैं। इन्हें रोकने सदस्यों को परिवारों से मिलना चाहिए। क्योंकि इस माह परीक्षाओं के कारण मंच के कार्यक्रम प्रभावित होंगे इसलिए भिक्षावृत्ति और बालश्रम पर ही ध्यान दिया जायेगा। प्रार्थना के बाद बच्चों को परीक्षा में आत्मविश्वास रखने और परीक्षा अध्ययन से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण बात हेतु पांच मिनिट यदि शालाओं में संभव हो तो की जाए।
इसी तरह मानवाधिकार दिवस पर बाल अधिकार की चर्चा भी हो । 11दिसम्बर 1992को बाल अधिकार भारत में लागू हुए इस दिवस पर भी बात की जाए ।बैठक में सागर से देवकी भट्ट,डा०श्रृषभ भारद्वाज , कटनी से रामकिशोर,और घनश्याम उपस्थित रहे । दमोह से डा० अनिल जैन,डा०गंगाराम पटेल ,मानव मित्र सहा०प्राध्यापक धीरज जानसन ,बी एम दुबे,सुसम्मति परिहार एवं कलस्टर प्रभारी सुसंस्कृति परिहार की उपस्थिति रही।
