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सोमवार, 23 दिसंबर 2019

छतरपुर। ऐसा जुगाड़ का अस्पताल।

छतरपुर। ऐसा जुगाड़ का अस्पताल।


● डॉक्टर विहीन अस्पताल का नही हो रहा इंतजाम।


//रूपेश जैन//(7247230761)

बकस्वाहा(छतरपुर)।  प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सत्ता काविज करने के बाद भले ही अब एक वर्ष का समय पूर्ण हो चुका हो लेकिन समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था संबंधी सुविधाओं पर आम जनता का समर्थन प्राप्त कर पाना आज भी एक कठिन चुनौती बना हुआ है।
मामला छतरपुर जिले से 100 किलोमीटर दूरस्थ अंचल बकस्वाहा का है जहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा पूरे क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ता है और मामूली से इलाज के लिए भी दमोह या जबलपुर जैसे शहरों का रुख अपनाना पड़ता है, आपको बता दें कि बकस्वाहा से जुड़े क्षेत्र के करीब सवा सौ गांव के लोग इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकस्वाहा के भरोसे निर्भर रहते हैं लेकिन शासन द्वारा दी जाने वाली उनको पर्याप्त सुविधाएं अगर ना मिले तो यह भी एक चिंताजनक विषय है।
                प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत स्टॉप 45 है जिनमें डॉक्टरों की संख्या कुल छह है जिनमें से पांच पुरूष डॉक्टर तथा एक महिला डॉक्टर की स्वीकृति प्रदान है मगर केन्द्र मे सिर्फ तीन डॉक्टर ही पदस्थ है जिनमें से एक बीएमओ केपी बमोरिया व डॉ ललित उपाध्याय, धीरज सोनी के रूप में पदस्थ है लेकिन मुख्य दिक्कत यह है कि इन दो डॉक्टर में से एक का चार्ज कही अन्य जगह होने के कारण वह स्वास्थ केन्द्र पर नियमित रूप से नही आते है जिससे संपूर्ण व्यवस्था चौपट हो जाती है।

हमेशा सुर्खियां बटोरता है अस्पताल

हाल ही में शनिवार को  तेंदुए का शिकार हुए मरीज ग्राम निमानी निवासी राम कुमार लोधी को इलाज के लिए डॉक्टर के भरोसे भटकना पड़ा तो यह कोई अभी नई बात नहीं है विगत कई समय से अस्पताल को अव्यवस्थाओं तथा उससे भी ज्यादातर समय पर एंबुलेंस सुविधा मुहैया ना हो पाने के नाम पर कई खिताब मिल चुके हो, जो लगातार हमेशा ही क्षेत्र की जन समस्या व मीडिया का एक बड़ा मुद्दा है लेकिन क्षेत्र को इससे निजात अभी तक नहीं मिला है।

इनका कहना है कि....

इस संबंध में जब संपूर्ण क्षेत्र से जुड़ी इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए जब बुंदेलखंड प्रजेंट न्यूज़ की टीम ने मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट को संपर्क साधा लेकिन कारण बस शीतकालीन सत्र के शुरू होने पर मंत्री जी विधानसभा में थे जिस पर मंत्री जी की बात रखते हुए उनके पीए ने कहा कि मैं आपकी समस्या समझ सकता हूं तथा मंत्री जी की ओर से तुरंत ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करके समुचित व्यवस्था करने को कहता हूं।

"हमारे यहां फिलहाल एक डॉ है तथा वह भी दूसरी जगह पर पदस्थ है अब यह शासन का काम है कि व्यवस्थाये करें।

"केपी बमोरिया(बीएमओ बक्सवाहा)

"मामला संज्ञान में आया और शासन को डॉक्टरों की मांग के लिए प्रतिवेदन भेजा गया नियुक्ति करना अब यह उनका काम है।

"डॉ विजय पथोरिया CMHO छतरपुर

"यह गम्भीर समस्या है जिसके लिए मैने माननीय मंत्री जी से भी बात की है मगर परेशानी ये है कि यहाँ डॉ आने को तैयार नहीं है,फिर भी समस्या को जल्द हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

"प्रद्युम्नसिंह लोधी (विधायक बड़ामलहरा)