दबंगों के कब्जे हटाने में प्रशासन विफल,गरीबों के उजाडे आशियानें।
● नोटिस का हवाला देकर सर्दी के मौसम में गरीबों को किया घर से बे-घर।
● बूढ़े बुजुर्ग,और बच्चे प्रशासन के सामने बिलखते रहे,अब खुले आसमान के नीचे रहने हुए मजबूर।
//नरेंद्र अहिरवार//
दमोह (तेंदूखेड़ा)। जिले भर में कब्जे धारियों की भरमार प्रशासनिक अधिकारियों की नजर से छिपे नहीं हैं लेकिन प्रशासन को धता दिखाने वाले दबंग कब्जा धारियों का कब्जा हटाने में अपने आप को कमजोर मानती हैं। जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से अवैध कब्जे का कारोबार फल फूल रहा है, लेकिन प्रशासन केवल मजदूर वर्ग के कब्जेधारियों पर ही अपनी धौश दिखाने में खुदकी शान समझते हैं। यही कारण है, कि आज तड़के सुबह पटेरा तेंदूखेड़ा कॉलेज के पीछे 33 लोग अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए थे। जहां कब्ज़ा धारियों के कब्जे हटाने शुरू किए व बल पूर्वक जेसीबी व पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में कब्जेधारियों के सर्द मौसम में कब्जे हटाए गए जहां, अवैध कब्जा हटाए जाने पर सिर के ऊपर से आसियाने हटाए जाने से लोगों से रहा ना गया और बच्चे बुजुर्ग और महिलाएं बिलखने लगी और कब्जे को ना हटाए जाने की मांग की। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में अवैध कब्जा स्वयं हटा लिए जाने के लिए पूर्व में दिए नोटिस का हवाला देते हुए कब्जे हटाने की बात कहीं गई थी जो बार बार कहे जाने के बाबजूद कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन ने यह कार्यवाही की, लेकिन बगैर बेकल्पिक व्यवस्था के कब्जा हटा दिए जाने से कब्जे धारियों के शिर पर सर्द मौसम का डर मंडरा रहा हैं। जहां उन्हें अब बेघर होने पर मजबूरन खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश होना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारी चाहते तो उन्हें कुछ और वक्त दिया जा सकता था जिससे वह सर्द मौसम से बच सके व अपने आशियाने किसी उचित स्थान पर स्थापित कर सकें, अब देखना यह होगा कि प्रशासन की बुलडोजर व दल बल बहुबलों पर चल पाएगी या नहीं या फिर प्रशासिनक अधिकारियों की मिली भगत से दबंग कब्जा धारियों के कब्जे सरकार बदलने के बाद कायम रहेंगे। इस पूरी कार्यवाही के दौरान एसडीएम गगन विसेन, तहसीलदार विकास जैन, एसडीओपी अशोक चौरसिया, नगर परिसद सीएमओ नीतू सिंह, थाना प्रभारी इंद्रा ठाकुर, कमलेश तिवारी, एल एल शर्मा के साथ साथ विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों की मौजूदगी रही।
