आयोजन : निकाली गई शोभायात्रा।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। रविवार को सिद्धचक्र महामण्डल के आयोजन के दौरान सायंकालीन आरती एवं शास्त्र प्रवचन हुए तथा वाकल से आए सौरभ जी ने वाकल में संचालित विद्यालय का परिचय प्रदान किया एवं विद्यालय की गतिविधियों से परिचित कराया ।सोमवार उत्सव मंडपम् में चल रहे श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान में प्रातः काल 6:30 बजे से श्रीजी का अभिषेक ,शान्तिधारा, पूजन, तदुपरान्त विश्वशान्ति महायज्ञ आयोजित हुआ जिसमें लोगों ने अग्नि प्रज्वलित करके मंत्राराधन के साथ अग्नि में धूप खेवन किया।
विधानकर्ता परिवार द्वारा मुनि संघों के प्रति परोक्ष रूप से नमोस्तु करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता और विनय प्रेषित करते हुए आशीष जैन एक्साइज इंस्पेक्टर ने वंदनीय भैयाजी, उपस्थित पंडित,विद्वानों,पुजारियों,संगीतकार,मंच व्यवस्थापक, समवसरण निर्माता, फोटो ग्राफर,सकल दिगम्बर जैन समाज घुवारा,एवं उपस्थित इन्द्र इंद्राणियों के सहयोग और उपस्थिति की सराहना करते हुए आभार प्रदर्शन किया एवं सभी से अपने परिवार द्वारा किसी भी प्रकार की त्रुटि होने की क्षमा याचना की।
ततपश्चात श्रीजी की विशाल शोभायात्रा निकाली गई।जिसमें रथ पर श्रीजी को बिठाकर, भव्य रजतमयी विमान से श्रीजी को जिनमंदिरों में यथास्थान विराजित करने हेतु विहार कराया गया।
शोभायात्रा में सभी इन्द्र- इंद्राणियों ने इन्द्रोचित भेषभूषा धारण कर तथा सैकड़ो की संख्या में लोग हाथों में धर्म-ध्वजा थामकर पंक्तिबद्ध चलते हुए महती धर्म प्रभावना की।
श्रीजी के मंदिर में स्थापित होने के उपरांत अनुष्ठान आयोजक परिवार द्वारा समस्त जैन समाज घुवारा एवं आगन्तुक अतिथियों के सत्कार-स्वरूप प्रीतिभोज का आयोजन किया गया।
विधानकर्ता परिवार द्वारा समस्त समाज,अतिथियों, गुरुओं, व्रतियों, उपस्थित इन्द्र-इंद्राणियों, रिश्तेदारों, विद्वानों,आदि सभी सहयोगियों के सहयोग को ही विधान की सफलता का श्रेय दिया।
आज रात्रि में उत्सव मंडपम् में विधान आयोजक परिवार द्वारा महिला संगीत का आयोजन रखा गया है।

