//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। पूरी दुनिया समेत भारत देश में जहाँ 'नोवल कोरोना' जैसे भयाभय 'वायरस' से बचने एवं ऐसी भीषण गर्मी की मार को झेल अपने घरों में कैद घुवारा नगरवासियों के साथ स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा लुका छिपी का खेल,खेलते हुए अघोषित बिजली कटौती कर लोगों को ऐसी तेज धूप एवं गर्मी में बाहर निकलने पर मजबूर किया जा रहा है।लेकिन बाहर निकलने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा लोगों को बाहर निकलने पर पूर्णतः वर्जित किया गया है।ऐसे में स्थानीय नगरवासी शासन के दोहरे मापदंड में फंसकर अपने आपको घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।और इसी मजबूरी का फायदा विद्युत मण्डल घुवारा में वर्षों से जमे कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा उठाया जा रहा है।
● प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक रहती पूर्णतः बंद
और दिन में किसी भी समय हो जाती है अघोषित कटौती।नगर घुवारा व समूचे क्षेत्रान्तर्गत सुबह 9 बजे से लेकर 11 बजे अघोषित बिजली कटौती विद्युत सब स्टेशन घुवारा से की जाती है।जिसके बारे में सभी को ज्ञात होने के बाद भी कोई अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कराना चाहता।जिसका फायदा यहाँ पर पदस्थ कर्मचारी एवं ओआईसी साहब भरपूर तरीके से मनमानी करते हुए उठाते हैं।और मनमाने तरीके से मेंटेनेंस के नाम पर किसी समय टाउन की बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है।तो किसी समय ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदाय बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है।जिसके चलते कस्बा एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों के साथ विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारी के द्वारा आंख मिचौली का खेल खेलते हुए मनमानी की जाती है।
वहीं एक ग्रामीण ने कहा कि अभी तक तो बिजली सप्लाई ठीक तरीके से न मिलने पर लोग कोंग्रेस सरकार को कोसते थे।लेकिन अब तो प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बन गई है।लेकिन इस समूचे क्षेत्र की स्थिति जस की तस बनी हुई है।वहीं एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि सरकार किसी भी पार्टी की क्यों न रहे लेकिन यहाँ की स्थिति में सुधार होना बड़ा मुश्किल है,क्योंकि वर्षों से एक ही जगह पर खमे कर्मचारियों एवं अधिकारी की मिली भगत की वजह से मनमाफिक खेल चलता रहता है।और इस सम्बंध कोई गणमान्य नागरिक विद्युत विभाग के खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं करता।