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मंगलवार, 26 मई 2020

पन्ना। स्वास्थ्य विभाग की मनमानी के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा।



● अस्पताल में सामान्य ड्यूटी कर रहे कोरोना वार्ड का स्टाफ मामले में सौंपा ज्ञापन

●  एनएसयूआई ने कोविड वार्ड को अस्पताल से हटाने की उठाई मांग।

//रमेश अग्रवाल//
नेटवर्क पन्ना। कोरोना संकट के दौर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही पन्ना के लोगों के लिए मुसीबत बन सकती है। इसे देखते हुए आज एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार तत्वाधान में कांग्रेस उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, मुरारीलाल थापक एवं जुबेर खान ने कलेक्टर पन्ना के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कोरोना ड्यूटी में लगे स्टाफ को सामान्य रूप से अस्पताल में लगाए जाने से संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए तुरंत हटाने एवं कोविड वार्ड को जिला अस्पताल से हटाकर अन्य स्थान पर आबादी क्षेत्र के बाहर लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि जिला चिकित्सालय में उन डाक्टरों और स्टाफ को ड्यूटी करते देखा गया, जो कुछ दिन पूर्व कोरोना पाॅजिटिव मरीज का उपचार कर रहे थे। कोविड वार्ड में सेवाएं देने वाले डाक्टर व स्टाफ को महज 3 दिन की छुट्टी के बाद ही काम में लगा दिया गया। काम भी ऐसा जहां उन्हें कई लोगों से संपर्क करना है। कोविड वार्ड से आए डाक्टर ओपीडी में मरीजों को देख रहें हैं और स्टाफ प्रसूता वार्ड से लेकर आईसीयू तक में तैनात है। ऐसे में यदि इस स्टाफ में कोई संक्रमण हुआ तो पूरा अस्पताल ही मुसीबत में आ जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एलके तिवारी द्वारा प्रोटाॅकाल का कोई पालन नहीं कर सभी के लिए मुष्किलें बढ़ा दीं हैं। जबकि 6 मई 2020 को संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल द्वारा कोविड केयर सेंटर के संचालन संबंधी प्रोटोकाॅल जारी किया गया है। जिसमें मंद व अतिमंद लक्षणों वाले मरीजों के उपचार संबंधित प्रोटोकाॅल बताए गये हैं। जिसमें काॅलम नम्बर 2 कोविड केयर सेंटर हेतु मानव संसाधन के पैरा नं. 2 में स्पष्ट किया गया है कि 10 दिन के उपरातं ड्यूटीरत पैरामेडिकल व मेडिकल दलों को 14 दिवस हेतु क्वारंटाईन किया जाए। लक्षण रहित स्टाफ को स्ट्रीक्ट होम क्वारिंटाईन और लक्षण युक्त स्टाफ को संस्थागत क्वारंटाईन करने को कहा गया है। लेकिन इन प्रोटोकाॅल का पन्ना के अधिकारियों द्वारा कोई पालन नहीं किया गया, जो चिंता का विषय है। इसके साथ ही पन्ना अस्पताल में लगातार हो रहे कोविड वार्ड के विस्तार से जिला अस्पताल में आने वाले मरीज परेषान हो रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया कि शासन के निर्देषानसार मंद एवं अति मंद  लक्षण वाले मरीजों के लिए आबादी से अलग कोविड केयर सेंटर बनाने को कहा गया है। ऐसे में पन्ना का कोविड अस्पताल भी कहीं और सिफ्ट किया जाए, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई परेषानी न हो। इसके  अलावा कोरोना डियृटी में लगे सभी मेडिकल स्टाफ के परीक्षण की मांग भी की गई।