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रविवार, 5 जुलाई 2020

बड़ामलहरा। प्रशासनिक समझाईश से 16 वर्षीय नाबालिग की जिंदगी तबाह होने से बची...जानिए पूरी खबर।


 
//दिलीप अग्रवाल//
बड़ामलहरा(छतरपुर)। प्रशासन की सक्रियता से एक नावालिग लडकी की जिंदगी तबाह होनें से बच गई। 16 वर्षीय लडकी के परिजनों ने बालिका के लिए तीन गुनी उम्र का वर ढूढां था। सागर-छतरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चौपरिया सरकार हनुमानजी मंदिर से नावालिग को बधू बनाने की तैयारी चल रही थी तभी प्रशानिक टीम ने ऐन बक्त पर पहुंचकर बेमेल अंतर्जातीय विवाह होनें से रोक लिया।
        सिद्धक्षेत्र चौपरिया सरकार मंदिर पर रविवार को एक नावालिग को बधू बनाने की तैयारियां जोर शोर से चल रही थी। अन्य बैवाहिक रस्में पूर्ण होनें के बाद वर माला और फेरे बाकी रह गए थे कि, दोपहर पौने 2 बजे के आसपास जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अनिल जैन मंदिर प्रांगण में पहुंच गए और उन्होनें बे-मेल बाल विवाह रुकवा दिया। अर्जुन सुल्लेरे पिता पातीराम सुल्लेरे (45) निवासी ग्राम पिपरा, कवरई जिला महोबा उत्तर प्रदेश सिर पर पगडी रखे मंदिर परिसर में जयमाला पहनने बैठा था इधर, सूरज आदिवासी पिता मोहन आदिवासी (16) निवासी सैडारा थाना बटियागढ जिला दमोह हाथों में मेंहदी लगाए थी। परिजन दुल्हन की शादी 3 गुनी उम्र के दुल्हा से करानें की तैयारी में लगे थे। माना जा रहा है कि, निजी स्वार्थ बस परिजन नावालिग का अंतर्जातीय विवाह करा रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायत पर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल जैन ने विवाह स्थल पर पहुंचकर दूल्हा- दुल्हन के परिजनों से उम्र प्रमाणीकरण के दस्तावेज मांगें परंतु उपलब्ध नहीं हो सके। प्रत्यक्ष अवलोकन से दूल्हा की उम्र 45 वर्ष जबकि, दुल्हन की उम्र नियामानुसार कम प्रतीत हुई। अनिल जैन ने बडामलहरा व बिजावर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी को मामले से अवगत कराया। सूचना पर गुलगंज थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, एएसआई व्हीके पटैरिया, आरक्षक प्रवेश तिवारी सहित चौपरिया पहुंचे। साथ ही आगनवाडी कार्यकर्ता सुमन शर्मा, आंगनवाडी केंद्र विलवार वहाँ पहुंची और प्रशानिक अमले ने वर बधु को समझाया और बताया कि, शादी के लिए लडके की उम्र न्यूतम 21 वर्ष व लडकी की उम्र 18 वर्ष तय की गई है। इसकें पूर्व शादी करना कानूनन जुर्म है। दोनों पक्षों अधिकारियों की बात से सहमत हो गए। मौके पर पंचानामा बनाकर बेमेल विवाह को रोक दिया गया।