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मंगलवार, 11 अगस्त 2020

घुवारा। ऐसा भी हो सकता है क्या? बैंक में ग्राहक कभी सोच भी नहीं सकता! 04 हजार विड्रॉल भरा निकलें 44000 - जानिए पूरी खबर।



//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)।  भारतीय स्टेट बैंक में 27 जुलाई 2020 को खाताधारक देवेंद्र यादव पिता श्री राजू यादव द्वारा भारतीय स्टेट बैंक के बचत खाते से 4000 रुपये का निकासी पत्रक(विड्रॉल वाउचर) भरकर दिया गया। किन्तु बैंक में कार्यरत कैशियर द्वारा 44000 रुपये की राशि खाते से निकाल ली गयी । जब देवेंद्र 29 जुलाई को पुनः बैंक आया और उसने अपने खाते की जानकारी हेतु स्टेटमेंट निकलवाया तो उसके खाते से 4000 की रकम निकासी के बाद 40000 कि रकम उसी तिथि में निकाली गई।

इसे गलती कहें या जानबूझकर की जाने वाली बैंक कर्मियों की अतिरिक्त आमदनी का तरीका, 

भारतीय स्टेट बैंक घुवारा की कार्यशैली पर हमेशा प्रश्नचिह्न लगते रहे हैं।

मन में उठने वाले यह प्रश्न बैंक की कार्य शैली पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं जो निम्नलिखित हैं।

●  आवेदक द्वारा जितनी राशि हेतु विड्रॉवल वाउचर भरा गया उतनी ही राशि उसके जमा पैसों से कटनी चाहिए थी?

●  यदि बैंक कर्मी द्वारा गलती से ऐसा हुआ तो उसी दिन ही उसकी राशि उसके खाते में जमा कर देनी चाहिए?

●  उसके आने के बाद ही राशि जमा की गई यह संदेह पैदा करता है?

यदि खाताधारक स्वयं नहीं आता या अनपढ़ होता तो बैंक द्वारा शायद उसका पैसा नहीं लौटाया जाता क्योकि यदि मंशा साफ होती तो उसी दिन बैंक क्लोजिंग के पूर्व ही पैसा लौटाया जाता।

●  क्या आवेदक द्वारा शिकायत करने पर उसके द्वारा भरा गया निकासी वाउचर ब्रांच मैनेजर द्वारा चैक किया गया?

●  क्या इस प्रकार के कारनामे करने वाले कर्मचारियों पर कोई उचित कार्यवाही होती है?

इत्यादि अनेक प्रश्न पैदा होते हैं बैंक स्थित क्षेत्र की अधिकांश जनता उच्च शिक्षित नहीं है,और अनेक खाता धारक अनपढ़ भी हैं ,पर इसका अभिप्राय यह तो नहीं है कि लोगों की मेहनत की कमाई को बैंक यूँ ही गायब करते रहें।

यह प्रकरण बैंकों के प्रति जनसमुदाय के विश्वास पर प्रश्नचिन्ह लगाता है क्योंकि लोगों के मेहनत की जमापूंजी संचय करने हेतु सिर्फ बैंक ही विश्वसनीय केंद्र है और जमा यहाँ ऐसे कारनामे उजागर होंगे तो फिर लोग बैंकों का उपयोग क्यों करेंगे।

देवेंद्र ने कहा- मैं तो जागरूक और पढ़ा लिखा हूँ लेकिन अनेकानेक खाताधारक अनपढ़,बृद्ध,दिव्यांग आदि भी हो सकते हैं। जिनको स्टेटमेंट निकालना, बैंलेंस चैक करना,पासबुक प्रिंट करना,निकासी व जमा पत्रक भरने भी नहीं आते बैंक कर्मी इन सबके खातों से किसी भी प्रकार की अवैद्य निकासी न करें।

प्रशासन और बैंक प्रबंधन से सिर्फ इतनी गुजारिश की है कि आगे से ऐसा किसी के साथ न हो विनोद सिरोठिया इस वी आई प्रभारी घुवारा इनका कहना है कि अमानवी त्रुटि के कारण पैसे गलती से निकल गए थे उसके पाद पैसे बापस उसी व्यक्ति के खाते में जमा कर दिए गए