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बुधवार, 12 अगस्त 2020

पन्ना। बुंदेलखंड में "भगवान कृष्ण के दाऊ भैया बलराम का मंदिर" जानिए यह क्यों है इतना प्रसिद्ध! आखिर क्या है पूरा इतिहास?



//रमेश अग्रवाल//

ब्यूरो नेटवर्क पन्ना।  भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

 जन्माष्टमी 2020 में 12 अगस्त, आज बुधवार को मनाई जाएगी। प्राचीन काल से ही हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के त्योहार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कृष्ण के दाऊ भैया बलराम के बारे में। 

 मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले में भगवान कृष्ण के दाऊ भैया बलराम का एकमात्र मंदिर है जो बेहद खूबसूरत और अनोखा हो के चलते बुंदेलखंड के अनुपम सौंदर्य का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

कृष्ण को विष्णु तो बलराम को शेषनाग का अवतार माना जाता है। कहते हैं कि जब कंस ने देवकी-वसुदेव के छ: पुत्रों को मार डाला, तब देवकी के गर्भ में भगवान बलराम पधारे। योगमाया ने उन्हें आकर्षित करके नन्द बाबा के यहां निवास कर रही श्री रोहिणीजी के गर्भ में पहुंचा दिया। इसलिए उनका एक नाम संकर्षण पड़ा।

●   यह है अनूठी कला।

 दाऊ भैया बलराम जी का ये मंदिर चर्च के स्टाइल में बना है। माना जाता है कि पाश्चात्य और बुन्देली स्थापत्य कला को समेटे इस मंदिर में स्वयं हलधर भगवान बलराम विराजमान हैं। ये मंदिर लंदन के सेंटपॉल चर्च की तर्ज पर बनाया गया है।

●  यह है मंदिर का इतिहास।

 यह मंदिर राजा-रजवाड़े के जमाने का बना हुआ है, जिसे पन्ना के राजा महाराजा रूद्र प्रताप ने सन् 1933 में बनवाया था।

इस मंदिर में 16 गुम्बद, 16 झरोखे, 16 श्रीणी, 16 खिड़की से अंलकृत है। बताया जाता है कि राजा को खेती से बड़ा लगाव था। इसी कारण से राजा ने यह मंदिर बनवाया था, जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है.इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मंदिर में धूमधाम से कृष्ण के भाई बड़े भाई का जन्मोत्सव मनाया जाता है।