//दिलीप अग्रवाल//
बड़ामलहरा(छतरपुर)। वन परिक्षेत्र में 3 दिन पहले जंगली सुअर का शिकार हुआ है। मामले में वन विभाग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की बल्कि, शिकार मामले का रुपांतरण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि, ले-देकर मामला निपटाने का प्रयास चल रहा है।
रविवार सुबह वन विभाग टीम ने वन परिक्षेत्र अंतर्गत दरगुवां बीट के ग्राम कचारी स्थित खजोरयन पहाड के नजदीक स्थित कुआं के पास मांस के टुकडे, खून व बाल बरामद किए। ग्रामीणों की मौजूदगी में एक पंचनामा बनाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी आरबी खरे के अनुसार, मौके से कुछ अवशेष प्राप्त हुए है उन्हें जप्त कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब जबलपुर भेजा है। ग्रामीणों के अनुसार रात के अंधेरे में गांव के कुछ लोगों ने जंगल में शिकार का जाल बिछाया था। शिकारियों से बचने के प्रयास में एक जंगली सुअर कुआं में गिर गया। कुआं गांव के पास स्थित खजोरयन पहाड के पास स्थित है। शिकारियों ने सुअर को मारनें के बाद कुआं के पास रात में ही मांस का बटवारा कर लिया। बटवारे से असंतुष्ट एक ग्रामीण ने मामले की खबर वन विभाग के कांनो में फूंक दी। बताया जाता है कि, शिकार मामले में 2 दर्जन ग्रामीण शामिल है। खबर मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और कुआं के पास उन्होनें मांस के टुकडे, खून व बाल बरामद करने के उपरांत पंचानामा बनाकर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी।
● शिकार मामले का रूपांतरण करनें का प्रयास।
वन विभाग के अधिकारी अपनी कर्तव्यनिष्ठा पर पर्दा डालनें व स्वार्थ बस शिकार मामले का रूपांतरण करनें में लगे है। मामले की खबर मिलनें के बाद मीडियाकर्मियों ने वन अधिकारी आरबी खरे से जानकारी चाही तो मामले को कुछ हद तक स्वीकारते हुए कहा कि, जानवर के अवशेष बरामद हुए है परंतु वह जंगली सुअर ही है यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता क्योंकि, ग्राम कचारी में कुछ पालतू सुअर गायब होनें की खबर मिली है। हालाकि, पालतू सुअर गांव में किसके गायब हुए वन विभाग उनका नाम नहीं बता सका। ग्रामीणों के अनुसार, वन बिभाग ने पूंछतांछ के आधार पर आरोपियों की सूची बनाई है।
● इनका कहना है कि.....
“घटना स्थल से बरामद मांस के टुकडे, खून, बाल सहित अन्य अवशेष जांच के लिए फोरेंसिक लैब जबलपुर भेजे गए है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।“