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गुरुवार, 13 अगस्त 2020

घुवारा। बच्चो का भविष्य सवारने बाले अतिथि शिक्षकों का भविष्य अंधकार में,जानिए पूरी खबर।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)।  इन दिनों सबसे अधिक परेशान शिक्षित युवा है जो हर साल अपनी योग्यता अनुसार स्कूल में नियुक्ति पता है ।औऱ अतिथि शिक्षक स्कूल में सबसे कम रुपए में अपनी सेवाएं देने का कार्य करते है औऱ बच्चो का भविष्य बनाते है।

लेकिन आज वही अतिथि शिक्षक  दो वक्त की रोटी के लिए दर-दर भटक रहे है।हालात ऐसे बन रहे है कि करे तो क्या करे।इन अतिथि शिक्षकों की पीढ़ा जबावदार आज तक शासन प्रशासन के लोगो ने आज तक गंभीरता से नही ली है।यही कारण  है कि चार माह से यह वहाँ से उधार लेकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है।अब तो कर्ज का बोझ इस कदर हावी हो गया हैं कि इन शिक्षकों को अब कोई खाद्य सामग्री तक कोई उधार नही देता।वैसे ही इन अतिथि शिक्षकों की पीड़ा पहले से कम नही थी।

मजदुरी रेट पर कर रहे काम:- अतिथि शिक्षक मात्र मजदूरी रेट पर स्कूल में बच्चो के भविष्य का निर्माण कर रहे है।लेकिन उसमे भी छुट्टी के दिन का वेतन इनको नही दिया जाता है।वही 12 माह में में सिर्फ 10 माह का वेतन ही दिया जाता है।इसके बाद इनको वेतन के लायक सरकार नही मानती है।औऱ 2 माह मई -जून में बाहर का रास्ता दिखा देती है।इसलिए यह बड़ी उम्मीद से 2 माह कर्ज लेकर अपने परिवार का पालन -पोषण इस उद्देश्य से करते है की फिर से मेरा स्कूल में हो जाएगा औऱ में कर्ज को धीरे-धीरे चुकाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर पाऊंगा औऱ घर मे खुशहाली आएगी।लेकिन इस बार कोरोना वाइरस के चलते इस साल सरकार ने इन्हें नही लगाया है।जिससे इनके ख्वाब रेत के घर की तरह पल भर में बिखर गए है।

बेरोजगारी के कारण उठा रहे आत्महत्या का कदम:- बेरोजगारी के कारण 56 अतिथि शिक्षकों ने आत्महत्या तक का तक कदम उठा लिया है।अगर सरकार कुछ नही करती तो न जाने कितने मौत और सरकार देखेगी।

कोरोना वाइरस के चलते 12 अगस्त तक अतिथि शिक्षकों को नही लिया गया है जिसके कारण इन दिनों का वेतन भी अतिथि शिक्षकों को नही मिलना है जबकि और सभी शिक्षकों को मई -जून सहित सभी माह का वेतन मिलता है।अतिथि शिक्षकों की हालत दिहाड़ी मजदूर से भी बुरी है।

नियमित शिक्षको से मिलता है चार गुना कम वेतन:- अतिथि शिक्षकों को इतनी महंगाई में नियमित शिक्षको से चार गुना तक कम वेतन दिया जाता है जबकि काम पूरा लिया जाता है।

ज्ञापन औऱ हड़ताल के बावजूद नही होती सुनबाई:- अतिथि शिक्षकों ने अनेक ज्ञापन जिम्मेदारो को दे चुके है लेकिन आज तक सरकार ने इनकी एक भी माग नही मानी है।और अनेको बार तो भोपाल में आंदोलन भी कर चुके है लेकिन फिर भी इनकी एक भी माग नही मागी गई है। 

ओर अभी अतिथि शिक्षक नियमित की माग सरकार से कर रहे है कि हमे नियमित कर हमारा भविष्य भी सुरक्षित किया जाए।