मां के द्वारा दी हुए 885 रुपए खर्च हो जाने पर युवक ने भाई के नाम से किचिन की दीवार पर लिखा कि ‘भाई माफ करें’ रुपए खर्च हो गए। ‘सुसाइड संदेश’ लिखने के बाद युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
//सुनील केवट//
नेटवर्क जबलपुर। घर पहुंचे पिता ने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है। किसी तरह दरवाजा खोलकर देखा तो बेटे की लाश फंदे से लटकी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल भेज मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
कजरवारा पुरानी बस्ती निवासी रमेश कुमार अहिरवार ने गोराबाजार पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम वह कार्य के बाद घर पहुंचा था।
घर का दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने व आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खुला। मदद के लिए पड़ोसियों को बुलाया और डायल-100 पर कॉल किया। पुलिस के पहुंचने पर बड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा सभी ने मिलकर खोला। अंदर कमरे में जाकर देखा तो बेटा आकाश अहिरवार फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। बेटे के शरीर में किसी तरह की कोई हलचल नहीं थी। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटे ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया उसकी जानकारी उसे नहीं है।मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि किचिन की दीवार पर कुछ लिखा हुआ है। दीवार पर लिखा था भाई माफ कर देना, मैने मां के 885 रुपए खर्च किए हैं। पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला है कि आकाश संभवत: शराब के नशे में था। पुलिस को जांच दौरान किचिन में रखे गैस बर्नर के पास खून के धब्बे भी मिले हैं, जिन्हें साक्ष्य के रूप में एकत्र किया गया है।
दोस्त बोले यारबाज था आकाश:- आकाश की मौत की खबर सुनकर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। आकाश को जानने वालों का कहना था कि संकट के समय वह हमेशा साथ में खड़ा रहता था और सबकी मदद करता था। दोस्तों की जुबान में एक ही बात थी कि यारबाज था अपना आकाश भाई। आकाश ने आत्महत्या क्यों कर ली, इस बात से सभी हैरान थे।