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बुधवार, 22 मई 2024

अश्लील गाने - वीडियो पर शिकंजा कसने की तैयारी!!

//अजय भावर//
नेटवर्क धार। अपनी संस्कृति, इतिहास, रीति रिवाज, पहनावे का विस्तार करने मे कला और कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। और यही कारण रहा है कि कई जिम्मेदार कलाकारों ने अपने सांस्कृतिक लोकगीतों पर न सिर्फ अपने निमाड़-मालवा के लोगों को थिरकाया है बल्कि सायकल-सायकल (आनंदीलाल भवेल) और आदिवासी जंगल रखवाला (पिरू भाई, भीम कनोजे, शीतल, रोहित पड़ियार) जैसे गीतो ने अन्य राज्यों, बॉलिवुड के धर्मेश सर जैसी हस्तियों और देश की सीमाओं के परे विदेशों मे भी किली पाॅल (तंज़ानिया) जैसे लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। 
एक तरफ जब आदिवासी गीत विदेशों तक गुंज रहे तो दुसरी तरफ यहां कुछ तथाकथित स्वघोषित बड़े गायक भी है जो पुरी तरह से समाज में गीतों - विडिओ (अश्लील शब्दों का प्रयोग कर ) के माध्यम से और कुछ लोग कामेडी मे खुब गालियों का उपयोग कर बेधड़ल्ले से अश्लीलता फैलाने का कार्य कर रहे है। और ऐसे अश्लील गानों डीजे पर भी खुब बजाया जा रहा है। जिन गानों के शब्दों मे आदिवासी समाज की बहन - बेटियों को शर्मसार कर रहे उन गानों पर खुब ठुमके लगाये जा रहे।
लेकिन ऐसे गीतो पर रोक लगाने और ऐसे कलाकारों पर कार्यवाई के लिये "आदिवासी म्युजिकल संघ, मध्यप्रदेश " और जयस आगे आया है। सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा, रोहित पड़ियार, लोकेश मुझाल्दा (जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष), अक्षय गोले (अध्यक्ष, आदिवासी म्युजिकल संघ, मध्यप्रदेश) ने ठिंगेरी- ठिंगेरी, बुटकी और काली तारा 14-15 लाडा जैसे और कई अश्लील गानो को युट्यूब और अन्य आडियो प्लेटफॉर्म से हटाने के लिये संबंधित गायकों और युट्यूबरों को आदेश दिये है। और  व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर समझाईश दे रहै है। तय समय मे अगर नहीं हटाये गये ऐसे गीत तो गायकों और युट्यूबरों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। रिकार्डिंग स्टूडियोज को भी समझाईश दी गयी है कि ऐसे अश्लील गीतों को रिकार्ड न करें और डी जे पर भी ऐसे गीत अगर बजते पाये गये तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी। कई कलाकार अब भी समझाने के बाद ऐसे गीतो को सही साबित करने और नहीं हटाने की बाते कर रहे है ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई जल्द ही होगी। आदिवासी इंडस्ट्री को भोजपुरी इंडस्ट्री की तरह दूषित होने से बचाने के लिए ऐसे गानो / विडिओ / कामेडी विडिओस् पर रोक लगाना बहुत जरूरी है। 
आदिवासी म्युजिकल संघ के उपाध्यक्ष भीम कनोजे, आदिवुड निर्देशक रोहित वैशाखी, गायक सोहन भाई, सभी स्टूडियो रिकार्डिस्ट और इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने अश्लीलता पर रोकथाम के लिये एक-दूसरे के सहयोग की अपील की है।

इनका कहना है कि...
आदिवासी समाज के अश्लील गाने बनाने वालो को आगाह है सुधर जाए.... जो गलत गाने बनाएगा कारवाई के लिए तैयार रहे... अश्लीलता बर्दाश्त नही की जाएगी। 
लोकेश मुझाल्दा, जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष 

आखिरी चेतावनी है! जिसने गलत गाना लिखा, गाया, रिकॉर्ड किया, बजाया सभी पर कार्रवाई होगी। आदिवासी समाज मंच पर चढ़ाना भी जानता है और उतारकर जुते मारना भी।
नितेश अलावा, सामाजिक कार्यकर्त्ता 

कला किसी भी समाज का आईना होती है। ऐसे गीतो से आदिवासी समाज की बदनामी हो रही है और लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अश्लीलता पर लगाम बहुत जरूरी है। जो ऐसी हरकते करेगा उन पर कार्रवाई जरूर होगी।
अक्षय गोले, अध्यक्ष आदिवासी म्युजिकल संघ मध्यप्रदेश