//अनिल जैन बड़कुल//
बकस्वाहा(छतरपुर)। बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और क्लिनिक पंजीयन के अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे निकहत परवीन सिद्दीकी और उनके पति निज़ाम खान के खिलाफ बकस्वाहा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकस्वाहा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यम असाटी की शिकायत पर की गई।
जाँच में सामने आया कि निज़ाम खान क्लिनिक के बाहर लगे बोर्ड पर स्वयं को डॉ. निज़ाम खान एमबीबीएस शिशु रोग विशेषज्ञ दर्शाता था, जबकि उसकी पत्नी निकहत परवीन प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में खुद को प्रचारित करती थी। दोनों के पास कोई वैध डिग्री नहीं थी।
फरियादी लक्ष्मीप्रसाद आदिवासी (निवासी वार्ड क्रमांक 03, बड़ा मलहरा) की शिकायत और स्वास्थ्य विभाग की जाँच में यह उजागर हुआ कि उक्त दंपति बिना डिग्री के न केवल क्लिनिक चला रहे थे, बल्कि गर्भवती महिलाओं की जाँच और गर्भपात जैसी गंभीर चिकित्सा प्रक्रियाएं भी कर रहे थे।
एक अन्य शिकायतकर्ता रावसाहब परमार ने बताया कि उनकी बहन का इलाज निकहत परवीन ने किया था, जिसके बाद दी गई दवा से अत्यधिक रक्तस्त्राव हुआ और हालत बिगड़ गई। उन्हें बकस्वाहा स्वास्थ्य केंद्र, फिर दमोह और अंततः सागर के बंसल अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद उन्होंने बीएमओ और तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपी।
पूरा मामला 26 अप्रैल 2025 को तहसीलदार भरत पांडे, थाना प्रभारी कृपाल मार्को और बीएमओ सत्यम असाटी द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में उजागर हुआ। मौके पर जब्ती नामे सहित रिपोर्ट तैयार की गई और उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं थाना प्रभारी कृपाल सिंह मार्को ने बताया कि जांच में तथ्य पुष्ट होने पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।