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रविवार, 24 अगस्त 2025

संस्कार आत्मा से परमात्मा तक पहुंचाने की सीढ़ी हैं:– मुनिश्री

पार्श्वनाथ मंदिर में जैनत्व संस्कार शिविर, 100 बच्चों ने लिया धर्म संस्कारों का संकल्प

//विनोद कुमार जैन, अनिल बड़कुल//

बकस्वाहा(छतरपुर)। नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे मंगल चातुर्मास के अंतर्गत रविवार को जैनत्व संस्कार शिविर का आयोजन हुआ। मुनि श्री 108 श्रुतेश सागर जी महाराज और मुनि श्री 108 सुश्रुत सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में बकस्वाहा, बम्हौरी, दलपतपुर, खड़ैरी, सुनवाहा सहित विभिन्न स्थानों से आए लगभग 100 बच्चों ने भाग लिया।

मुनि श्री ने कहा कि “संस्कार हमारे जीवन की मजबूत नींव हैं। यही संस्कार आत्मा से परमात्मा तक पहुंचाने की सीढ़ी बनते हैं।” उन्होंने बच्चों से धर्म, अनुशासन और अहिंसा की राह पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बच्चों को जैन विधि से संस्कारित किया गया और जैन धर्म के मूल सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह—की शिक्षा दी गई। मुनि श्री ने प्रवचन में कहा कि जिस जीवन में संस्कारों का प्रकाश नहीं होता, वह जीवन अधूरा रह जाता है।

संस्कार शिविर के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा। बच्चों के संस्कार ग्रहण करते ही वातावरण भक्ति, अनुशासन और धर्ममय स्वर से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारों का दीपस्तंभ बताया।